Objective Questions
प्रश्न 1. दलित ग्रामवासी पुरूष की कथा कौन है ?
(A) कर्मवीर कथा
(B) अलस कथा
(C) व्याघ्रपथिक कथा
(D) विश्वशांति
उत्तर-(A) कर्मवीर कथा
प्रश्न 2. ‘उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीः‘ यह उक्ति किस पाठ से संकलित है ?
(A) कर्मवीर कथा
(B) व्याघ्र पथिक कथा
(C) भारतीय संस्काराः
(D) भारत महिमा
उत्तर-(A) कर्मवीर कथा
प्रश्न 3. कर्मवीर रामप्रवेश राम के परिवार के सदस्यों की कुल संख्या कितनी थी ?
(A) चार
(B) छह
(C) आठ
(D) दस
उत्तर-(A) चार
प्रश्न 4. ‘कर्मवीरकथा‘ समाज के किस वर्ग की कथा है ?
(A) धनी
(B) दलित
(C) कुलीन
(D) अल्पसंख्यक
उत्तर-(B) दलित
प्रश्न 5. भीखनटोला किस प्रांत में है ?
(A) बिहार
(B) उत्तर प्रदेश
(C) मध्य प्रदेश
(D) राजस्थान
उत्तर-(A) बिहार
प्रश्न 6. भिखन टोला देखने कौन आये ?
(A) शिक्षक
(B) राजनेता
(C) छात्र
(D) धार्मिक नेता
उत्तर-(A) शिक्षक
प्रश्न 7. लक्ष्मी किस प्रकार के व्यक्ति के पास आती है ?
(A) बलवान के पास
(B) ज्ञानवान के पास
(C) धूर्त के पास
(D) उद्योगी के पास
उत्तर-(D) उद्योगी के पास
प्रश्न 8. कर्मवीर कौन है ?
(A) रामप्रवेश राम
(B) जीतन राम
(C) बलराम
(D) जय राम
उत्तर-(A) रामप्रवेश राम
लघु-उत्तरीय प्रश्नोषत्तर (20-30 शब्दों में)
प्रश्न 1. कर्मवीरकथा का पाँच वाक्यों में परिचय दें।
उत्तर- इस पाठ में एक पुरुषार्थी की कथा है, वह निर्धन एवं दलित जाति में जन्म जैसे विपरीत परिवेश में रहकर भी प्रबल इच्छा शक्ति तथा उन्नति की उत्कट कामना के कारण उच्च पद पर पहुँचता है। यह कथा किशोरों में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान उत्पन्न करती है, विजय के पथ को प्रशस्त करती है। ऐसे कर्मवीर हमारे आदर्श हैं।
प्रश्न 2. रामप्रवेशराम का चरित्र-चित्रण करें।
अथवा, रामप्रवेशराम की जीवनी पर प्रकाश डालें।
अथवा, कर्मवीर कौन था? उनकी सफलता की कहानी पाँच वाक्यों में लिखें।
उत्तर-रामप्रवेशराम ‘कर्मवीरकथा’ का प्रमुख पात्र हैं। इनका जन्म बिहार राज्य अन्तर्गत भीखनटोला में हुआ है। कभी खेलों में संलग्न रहनेवाले रामप्रवेशराम अध्यापक का सान्निध्य पाकर विद्या अध्ययन में जुट गए । गुरु का आशीर्वाद और मेहनत उनकी सफलता की सीढ़ी बनते गये । धन के अभाव के बीच भी उन्होंने अपना अध्ययन जारी रखा । विद्यालय स्तर से लेकर प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करते गए । केन्द्रीय लोकसेवा आयोग परीक्षा में उत्तीर्ण होकर उन्होंने समाज के समक्ष अपना आदर्श प्रस्तुत कर दिया। उनकी प्रशासन क्षमता और संकट काल में निर्णायक सामर्थ्य सभी को आकर्षित करते हैं।
प्रश्न 3. कर्मवीरकथा से हमें क्या शिक्षा मिलती है? (2014A)
अथवा, कर्मवीरकथा’ से क्या शिक्षा मिलती है? (2018A)
उत्तर-कर्मवीर शब्द से ही आभास होने लगता है कि निश्चय ही कोई ऐसा कर्मवीर है जो अपनी निष्ठा, उद्यम, सेवाभाव आदि के द्वारा उत्तम पद को प्राप्त किये हुए है। प्रस्तुत पाठ में एक ऐसे ही कर्मवीर की चर्चा है जो अभावग्रस्त जीवन-यापन करते हुए भी स्नेहिल शिक्षक का सान्निध्य पाकर विविध बाधाओं से लड़ता हुआ एक दिन शीर्ष पद को प्राप्त कर लेता है। मनुष्य कीउत्साह ही, निष्ठा, सच्चरित्रता आदि गुण उसे निश्चय ही सफलता की सीढ़ियों पर अग्रसारित करते हैं। अत:, हमें भी उत्साही, निष्ठा (दृढ़ निश्चशय)आदि को आधार बनाकर सत्कर्म पर बने रहना चाहिए।
प्रश्न 3. कर्मवीरकथा से हमें क्या शिक्षा मिलती है? (2014A)
अथवा, कर्मवीरकथा’ से क्या शिक्षा मिलती है? (2018A)
उत्तर-कर्मवीर शब्द से ही आभास होने लगता है कि निश्चय ही कोई ऐसा कर्मवीर है जो अपनी निष्ठा, उद्यम, सेवाभाव आदि के द्वारा उत्तम पद को प्राप्त किये हुए है। प्रस्तुत पाठ में एक ऐसे ही कर्मवीर की चर्चा है जो अभावग्रस्त जीवन-यापन करते हुए भी स्नेहिल शिक्षक का सान्निध्य पाकर विविध बाधाओं से लड़ता हुआ एक दिन शीर्ष पद को प्राप्त कर लेता है। मनुष्य की उत्साह ही, निष्ठा, सच्चरित्रता आदि गुण उसे निश्चय ही सफलता की सीढ़ियों पर अग्रसारित करते हैं। अत:, हमें भी उत्साही, निष्ठा (दृढ़ निश्चदय)आदि को आधार बनाकर सत्कर्म पर बने रहना चाहिए।
प्रश्न 4. रामप्रवेशराम की चारित्रिक विशेषताएँ क्या थी? (2018C)
उत्तर- कर्मवीरकथा का प्रमुख पात्र रामप्रवेश राम है। रामप्रवेशराम दलित परन्तु लगनशील और परिश्रमी बालक है। गुरु का सानिध्य पाकर, विद्याध्ययन में लग गया । गुरु का आशीर्वाद और मेहनत से सफलतारूपी सीढ़ी चढ़ने लगा। धन के अभाव में भी अध्ययनरत रहा। विद्यालय और महाविद्यालय की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत किया। उसकी प्रशासनिक क्षमता और संकटकाल में निर्णय लेने की कुशलता सबों का ध्यानाकर्ष करता है।
प्रश्न 4. रामप्रवेशराम की चारित्रिक विशेाषताएँ क्या थी? (2018C)
उत्तर- कर्मवीरकथा का प्रमुख पात्र रामप्रवेश राम है। रामप्रवेशराम दलित परन्तु लगनशील और परिश्रमी बालक है। गुरु का सानिध्य पाकर, विद्याध्ययन में लग गया । गुरु का आशीर्वाद और मेहनत से सफलता रूपी सीढ़ी चढ़ने लगा। धन के अभाव में भी अध्ययनरत रहा। विद्यालय और महाविद्यालय की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत किया। उसकी प्रशासनिक क्षमता और संकटकाल में निर्णय लेने की कुशलता सबों का ध्यानाकर्ष करता है।
प्रश्न 5. रामप्रवेशका जन्म कहाँ हुआ था? उन्होंने देश की सेवा से कैसे यश अर्जित की? (2016A)
उत्तर- रामप्रवेश राम का जन्म भीखनटोला नाम के गाँव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रशासन क्षमता तथा संकट के समय निर्णय लेने की सामर्थ्य से देश की सेवा कर यश अर्जित किया ।
प्रश्न 6. रामप्रवेश राम किस प्रकार केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सफल हुआ?
उत्तर- रामप्रवेशराम एक कर्मवीर एवं निर्धन छात्र था। वह कष्टकारक जीवन जीते हुए अध्ययनशील था। वह पुस्तकालयों में अध्ययन किया करता था। केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने में सफल रहा।
प्रश्न 7. रामप्रवेशराम की प्रारंभिक शिक्षा के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर- रामप्रवेशराम भीखनटोला गाँव का रहनेवाला एक दलित बालक था। उस बालक को एक शिक्षक ने अपने विद्यालय में लाकर शिक्षा देना प्रारंभ किया। बालक रामप्रवेशराम शिक्षक की शिक्षणशैली से आकृष्ट हुआ और शिक्षा को जीवन का परमलक्ष्य माना। विद्या अध्ययन में रात-दिन लग गया और अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने लगा।
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